
यदि पत्नी के #माँग के बीचो बीच सिन्दूर लगा हुआ है तो उसके पति की अकाल मृत्यू नही हो सकती है।
अब आप ही बताइये श्री राम के नजरो से भला कोई छुप सकता है क्या?
परमात्मा भी उसको नही मारते फिर उनके सिवाय कोई और क्या मारेगा।

मैं सोच रहा हूँ.....
पाकिस्तान में मुसलमानों को कौन मार रहा है ?
अफगानिस्तान में मुसलमानों को कौन मार रहा है ?
सीरिया में मुसलमानों की हत्या कौन कर रहा है ?
यमन में मुसलमानों को कौन मार रहा है ?
इराक में मुसलमानों को कौन मार रहा है ?
लीबिया में मुसलमानों की हत्या कौन कर रहा है ?
कौन है जो मिस्र में मुसलमानों को मार रहा है ?
जो सोमालिया में मुसलमानों को मार रहा है ?
बलूचिस्तान में भी मुसलमानों को मार रहा है ?
अब मैं सोच रहा हूँ जब ये सभी देश इस्लामिक हैं... तब शान्ति कहाँ है ?
मैं इस्लाम पर सवाल नहीं कर रहा हूँ, क्योंकि सभी लोग जानते हैं की इस्लाम एक
शांतिपूर्ण धर्म है... लेकिन शांति रहस्यमय रूप से से गायब है....!!
अफगानिस्तान, इराक, सीरिया, लेबनान, यमन और मिस्र को क्या बजरंग-दल या
हिन्दू-महासभा ने बर्बाद किया है ? या वहां दंगा करने के लिए आर .एस. एस.
के लोग गए थे?
अजीब विडम्बना है ,
कुछ ग़द्दारों के लियें यहाँ
इशरत "बेटी" है,
कन्हैया "बेटा" है,
दाऊद "भाई" है,
अफ़ज़ल "गुरू" है,
लेकिन,
भारत "माता" नहीं !!!
आखिर...ऐसा क्यों है........???
बौद्ध +हिन्दू =रहने में समस्या नहीं
हिन्दू + ईसाई = रहने में समस्या नहीं ,
हिन्दू + यहूदी = रहने में समस्या नहीं,
ईसाई +नास्तिक =रहने में समस्या नहीं,
नास्तिक +बौद्ध = कोई समस्या नहीं,
बौद्ध + सिख = कोई समस्या नहीं,
सिख + हिन्दू = कोई समस्या नहीं,
कन्फ्यूशियस + हिन्दू =कोई समस्या नहीं,
अब थोड़ा और ध्यान दीजिए...
मुस्लिम +हिन्दू = समस्या
मुस्लिम +बौद्ध =समस्या
मुस्लिम + ईसाई = समस्या
मुस्लिम +Jews =समस्या
मुस्लिम + सिख = समस्या
मुस्लिम + Baha'is = समस्या
मुस्लिम + नास्तिक = समस्या
मुस्लिम +Atheists =समस्या
मुस्लिम +मुस्लिम =बहुत बड़ी समस्या!
उदाहरण देखिए, जहां-जहां मुस्लिम बहुसंख्यक है, वहाँ वे सुखी नहीं रहते हैं और न दूसरे को रहने देते हैं!
देखिए ...
मुस्लिम सुखी नहीं गाजा में
मुस्लिम सुखी नहीं Egypt में
मुस्लिम सुखी नहीं लीबिया में
मुस्लिम सुखी नहीं मोरोक्को में
मुस्लिम सुखी नहीं ईरान में
मुस्लिम सुखी नहीं ईराक में
मुस्लिम सूखी नहीं यमन में
मुस्लिम सुखी नहीं अफगानिस्तान में
मुस्लिम सुखी नहीं पाकिस्तान में
मुस्लिम सुखी नहीं सीरिया में
मुस्लिम सुखी नहीं लेबनान में
मुस्लिम सुखी नहीं नाइजीरिया में
मुस्लिम सुखी नहीं केन्या में
मुस्लिम सुखी नहीं सूडान में
अब गौर कीजिए .........!
मुस्लिम सुखी वहां हैं, जहाँ कम संख्या में है...??
मुस्लिम सुखी है आस्ट्रेलिया में
मुस्लिम सुखी है इंग्लैंड में
मुस्लिम सुखी है बेल्जियम में
मुस्लिम सुखी है फ्रांस में
मुस्लिम सुखी है इटली में
मुस्लिम सुखी है जर्मनी में
मुस्लिम सुखी है स्वीडन में
मुस्लिम सुखी है U.S.A. में
मुस्लिम सुखी है कनाडा में
मुस्लिम सुखी है भारत में
मुस्लिम सुखी है नार्वे में
मुस्लिम सुखी है नेपाल में
मुसलमान हर उस देश में सुखी है !
जो इस्लामिक देश नही है ........
और देखिये कि वो उन्ही देशो को दोषी ठहराते है जो इस्लामिक नही हैं....!
या जहां मुस्लिमो की लीडरशिप नही है.....!
मुस्लिम हमेशा उन देशो को ब्लैम करते है जहा वे सुखी हैं.......!
और मुस्लिम उन देशो को बदलना चाहते है..... जहा वे सुखी हैं !
और बदल कर वे उन देशो की तरह कर देना चाहते हैं!
जहा वे सुखी नही हैं........!
और अंत तक वो इसके लिए लड़ाई करते हैं....! और इसको ही बोलते हैं........
* @्लामिक_जिहाद*
अब थोड़ा आतंकवादी संगठनो पर नजर डालिए........!
जिनके द्वारा वह दुनिया को बदलना चाहते हैं....!
1.ISIS = इस्लामी आतंकवादी संगठन ,
2.अल कायदा = आतंकवादी संगठन ,
3.तालिबान = आतंकवादी संगठन
4.हमास = आतंकवादी संगठन
5.हिज्बुल मुजाहिदीन=आतंकवादी संगठन
6.बोको हराम =आतंकवादी संगठन
7.Al-Nusra =आतंकवादी संगठन
8.अबू स्याफ = आतंकवादी संगठन
9.अल बदर = आतंकवादी संगठन
10.मुस्लिम ब्रदरहुड = आतंकवादी संगठन
11.लश्कर-ए-तैयबा = आतंकवादी संगठन 12.Palestine Liberation Front
=आतंकवादी संगठन
13.ISLAMIC TERROR ORGANIZATION
Ansaru =आतंकवादी संगठन
14.जेमाह इस्लामिया = इस्लामी आतंकवाद
संगठन
15.अब्दुल्ला आजम ब्रिगेड = आतंकवादी
संगठन
आदि और भी हैं ऐसे ही इस्लामिक जेहादी आतंकवादी संगठन!
अब इतना तो आप सभी, जरूर समझ गए होंगे कि......
"आतंकवादी" का "मजहब" क्या होता है.....???
अब अगर कोई हिन्दुओ को बदनाम करता है........
भगवा आतंकवाद के नाम पर, तो .......
उसे वहीं पकड़ कर ...................
ये काला चिठ्ठा अवश्य दिखाएं...........!
बस इन्ही जैसे लोगो के बल पर इस्लामिक जिहाद बढ़ता है.........!
आश्चर्य......घोर आश्चर्य.........?होता.?.....हैं




🌷🌻🌷🌻🌷🌻🌷
*"क्यों कुंभ का मेला 12 साल में एक बार लगता है"*
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार एक बार इन्द्र देवता ने महर्षि दुर्वासा को रास्ते में मिलने पर जब प्रणाम किया तो दुर्वासाजी ने प्रसन्न होकर उन्हें अपनी माला दी, लेकिन इन्द्र ने उस माला का आदर न कर अपने ऐरावत हाथी के मस्तक पर डाल दिया। जिसने माला को सूंड से घसीटकर पैरों से कुचल डाला। इस पर दुर्वासाजी ने क्रोधित होकर इन्द्र को श्रीविहीन होने का श्राप दिया। इस घटना के बाद इन्द्र घबराए हुए ब्रह्माजी के पास गए। ब्रह्माजी ने इन्द्र को लेकर भगवान विष्णु के पास गए और उनसे इन्द्र की रक्षा करने की प्रार्थना की। भगवान ने कहा कि इस समय असुरों का आतंक है। इसलिए तुम उनसे संधि कर लो और देवता और असुर दोनों मिलकर समुद्र मंथन कर अमृत निकालों। जब अमृत निकलेगा तो हम तुम लोगों को अमृत बांट देंगे और असुरों को केवल श्रम ही हाथ मिलेगा।
पृथ्वी के उत्तर भाग मे हिमालय के समीप देवता और दानवों ने समुद्र का मन्थन किया। इसके लिए मंदराचल पर्वत को मथानी और नागराज वासुकि को रस्सी बनाया गया। जिसके फलस्वरूप क्षीरसागर से पारिजात, ऐरावत हाथी, उश्चैश्रवा घोड़ा रम्भा कल्पबृक्ष शंख, गदा धनुष कौस्तुभमणि, चन्द्र मद कामधेनु और अमृत कलश लिए धन्वन्तरि निकलें। इस कलश के लिए असुरों और दैत्यों में संघर्ष शुरू हो गया। अमृत कलश को दैत्यों से बचाने के लिए देवराज इन्द्र के पुत्र जयंत बृहस्पति, चन्द्रमा, सूर्य और शनि की सहायता से उसे लेकर भागे। यह देखकर दैत्यों ने उनका पीछा किया। यह पीछा बारह दिनों तक होता रहा। देवता उस कलश को छिपाने के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान को भागते रहे और असुर उनका पीछा करते रहे।
इस भागदौड़ में देवताओं को पूरी पृथ्वी की परिक्रमा करनी पड़ी। इन बारह दिनों की भागदौड़ में देवताओं ने अमृत कलश को हरिद्वार, प्रयाग, नासिक तथा उज्जैन नामक स्थानों पर रखा। इन चारों स्थानों में रखे गए कलश से अमृत की कुछ बूंदे छलक पड़ी। अंत में कलह को शांत करने के लिए समझौता हुआ। भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण कर दैत्यों को भरमाए रखा और अमृत को इस प्रकार बांटा कि दैत्यों की बारी आने तक कलश रिक्त हो गया। देवताओं का एक दिन मनुष्य के एक वर्ष के बराबर माना गया है। इसलिए हर 12 वें वर्ष कुंभ की परंपरा है।
*जय श्रीराधे कृष्णा*
🌷🌻🌷🌻🌷🌻🌷आप का तिवारी परिवार


नवाज शरीफ के बाद इमरान खान पाकिस्तान के दूसरे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने स्वीकार किया की भारत में हुआ 26/11 आतंकवादी हमला पाकिस्तान के आतंकियों ने अंजाम दिया था,
विडंबना देखिए एक ओर पाकिस्तान के दो प्रधानमंत्री यह स्वीकार कर चुके हैं कि 26/11 आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ था, जबकि भारत की सबसे पुरानी राजनितिक पार्टी कांग्रेस 26/11 आतंकी हमले के दोषी पाकिस्तान को बचाने और हमले का दोष हिंदुओं और RSS के सर मढ़ने की योजना बना बैठी थी और पूरा प्रयास भी किया था,
साथ ही साथ हमारे देश में जिस बॉलीवुड को देश के युवा अपने सिर पर बिठाकर रखते हैं उसी बॉलीवुड के बड़े व्यक्ति महेश भट्ट का बेटा राहुल भट्ट आतंकवादी दाऊद गिलानी उर्फ डेविड कोलमैन हेडली को 26/11 आतंकी हमले की रेकी करने में सहायता कर रहा था,
और 26/11 के पश्चात उसका बाप महेश भट्ट 26/11 के लिए हिंदुओं और RSS को दोषी बताता फिर रहा था,
आज वही महेश भट्ट कह रहा है कि मोदी के नेतृत्व वाला भारत मुस्लिमों के लिए एक बुरे स्वप्न सरीखा है,
क्या महेश भट्ट यह कहना चाहते हैं कि मोदी सरकार के नेतृत्व में भारत के अंदर जिस प्रकार इस्लामिक आतंकवाद की घटनाओं पर रोक लगी है और निर्दोषों की जानें बच गयीं है, क्या वो महेश भट्ट के अनुसार मुस्लिमों के लिए एक बुरे स्वप्न वाली स्थिति है ?
आज हमारे देश के नागरिकों को विचार करने की आवश्यकता है कि कहीं उन्होंने गलत व्यक्तियों को तो अपना आदर्श नहीं मान लिया है, और कहीं वे इस्लामिक आतंकियों का बचाव करने वाली विचारधारा की राजनीतिक पार्टियों के जाल में तो नही फंसे हुए हैं ?
आज कांग्रेस को जबाब देना चाहिए
और मुझे तो सक हैं कि कहीं कांग्रेस ही. तो नहीं
इस कि सूत्र धार तो नहीं हैं इस की भी सीबीआई
जाचं होनी चाहिए
आप सभी निबेदन कि इस खबर को इतना सेर करो कि
महा महीम तक और परधान मंत्री तक पहुंच जाये
धन्यवाद
आप। का तिवारी परिवार
*कर्ज वाली लक्ष्मी*
एक 15 साल का भाई अपने पापा से कहा "पापा पापा दीदी के होने वाले ससुर और सास कल आ रहे है" अभी जीजाजी ने फोन पर बताया।
दीदी मतलब उसकी बड़ी बहन की सगाई कुछ दिन पहले एक अच्छे घर में तय हुई थी।
दीनदयाल जी पहले से ही उदास बैठे थे धीरे से बोले...
हां बेटा.. उनका कल ही फोन आया था कि वो एक दो दिन में दहेज की बात करने आ रहे हैं.. बोले... दहेज के बारे में आप से ज़रूरी बात करनी है..
बड़ी मुश्किल से यह अच्छा लड़का मिला था.. कल को उनकी दहेज की मांग इतनी ज़्यादा हो कि मैं पूरी नही कर पाया तो ?"
कहते कहते उनकी आँखें भर आयीं..
घर के प्रत्येक सदस्य के मन व चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही थी...लड़की भी उदास हो गयी...
खैर..
अगले दिन समधी समधिन आए.. उनकी खूब आवभगत की गयी..
कुछ देर बैठने के बाद लड़के के पिता ने लड़की के पिता से कहा" दीनदयाल जी अब काम की बात हो जाए..
दीनदयाल जी की धड़कन बढ़ गयी.. बोले.. हां हां.. समधी जी.. जो आप हुकुम करें..
लड़के के पिताजी ने धीरे से अपनी कुर्सी दीनदयाल जी और खिसकाई ओर धीरे से उनके कान में बोले. दीनदयाल जी मुझे दहेज के बारे बात करनी है!...
दीनदयाल जी हाथ जोड़ते हुये आँखों में पानी लिए हुए बोले बताईए समधी जी....जो आप को उचित लगे.. मैं पूरी कोशिश करूंगा..
समधी जी ने धीरे से दीनदयाल जी का हाथ अपने हाथों से दबाते हुये बस इतना ही कहा.....
आप कन्यादान में कुछ भी देगें या ना भी देंगे... थोड़ा देंगे या ज़्यादा देंगे.. मुझे सब स्वीकार है... पर कर्ज लेकर आप एक रुपया भी दहेज मत देना.. वो मुझे स्वीकार नहीं..
क्योकि जो बेटी अपने बाप को कर्ज में डुबो दे वैसी "कर्ज वाली लक्ष्मी" मुझे स्वीकार नही...
मुझे बिना कर्ज वाली बहू ही चाहिए.. जो मेरे यहाँ आकर मेरी सम्पति को दो गुना कर देगी..
दीनदयाल जी हैरान हो गए.. उनसे गले मिलकर बोले.. समधी जी बिल्कुल ऐसा ही होगा..
शिक्षा- *कर्ज वाली लक्ष्मी ना कोई विदा करें नही कोई स्वीकार करे और अपने समाज मे छूपे दहेज के दानौ
का बहीस्कार करें अगर आप को ए कहानी अच्छी लगीं हो तो इसे सेर जरूर करें
आप का तिवारी परिवार .
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🙏🏻
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#हनुमानजी की उड़ने की गति कितनी थी #जानिए हनुमानजी की उड़ने की गति कितनी रही होगी उसका अंदाजा आप लगा सकते हैं की रात्रि को 9:00 ...